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...जब नैमिष कोतवाल से चमड़ी उधड़वाने पहुंचे सपाई

- सपा के राष्ट्रीय सचिव अनूप गुप्ता से पुलिस की बदतमीजी ने पकड़ा तूल

- सांसद, एमएलसी सहित सपा कार्यकर्ताओं का फूटा ग़ुस्सा

रिपोर्ट- मो. कैफ अंसारी 

सीतापुर (निशान न्यूज़)  उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर विपक्षियों को दबाने और पुलिस को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करने का आरोप एक बार फिर पुख्ता हो गया है। नैमिषारण्य उपचुनाव के दौरान हुई घटना ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है।


मिश्रिख क्षेत्र में मतदान के दिन थाना प्रभारी ने खुलेआम पूर्व विधायक अनूप गुप्ता का अपमान किया। आरोप है कि थानेदार ने उन्हें “हॉट टॉक” कहकर अभद्र टिप्पणी की।

घटना की शिकायत समाजवादी पार्टी ने पुलिस अधीक्षक से की, लेकिन हैरानी की बात है कि पूरे एक हफ़्ते बाद भी आरोपी थाना प्रभारी को बर्खास्त नहीं किया गया। सिर्फ़ औपचारिक “कड़ी चेतावनी” देकर मामला दबाने की कोशिश की गई। यह सरकार की मंशा को उजागर करता है कि भाजपा प्रशासनिक मशीनरी को विपक्ष को अपमानित करने का साधन बना रही है।


कार्यकर्ताओं का फूटा ग़ुस्सा, कलेक्ट्रेट घिरा

सरकार की इस ढीली कार्रवाई के खिलाफ सपा का ग़ुस्सा उबाल पर पहुँच गया। शनिवार को सांसद आनंद भदौरिया के नेतृत्व में हज़ारों कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में उमड़ पड़े। “तानाशाही नहीं चलेगी”, “भाजपा सरकार मुर्दाबाद” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

कार्यकर्ताओं ने पुलिस और सरकार की दबंगई के खिलाफ कपड़े उतारकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पुलिस के लिए सिरदर्द साबित हुआ। घंटों तक चली नारेबाज़ी और धरने के बाद प्रशासन ने बड़ी मशक्कत से कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की।


सपाइयों ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

सांसद आनंद भदौरिया ने सीधा आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पुलिस व प्रशासन को विपक्ष को बदनाम और अपमानित करने के लिए इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा

“यह लोकतंत्र नहीं बल्कि खुली तानाशाही है। जनता और विपक्ष की आवाज़ को दबाने के लिए पुलिस को ढाल बनाया जा रहा है। जब तक दोषी थाना प्रभारी को बर्खास्त नहीं किया जाता, हमारा आंदोलन रुकने वाला नहीं है।”


पूर्व विधायक अनूप गुप्ता ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा को जनता का समर्थन अब मिलना बंद हो गया है, इसलिए वह डर और दमन की राजनीति कर रही है।

अंत में सपा नेताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल थाना प्रभारी की बर्खास्तगी की मांग की। चेतावनी दी गई कि यदि भाजपा सरकार ने पुलिसकर्मी को बचाने की कोशिश की, तो समाजवादी पार्टी प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ेगी।

इस अवसर पर सपा सांसद आनंद भदौरिया, एमएलसी जासमीर अंसारी, विधायक अनिल वर्मा, सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल सिंह यादव, पूर्व मंत्री रामपाल राजवंशी, नरेंद्र वर्मा, रामहेत भारती, पूर्व विधायक महेंद्र सिंह झीन बाबू, राधेश्याम जायसवाल, हरगोविंद भार्गव, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष समाजवादी छात्रसभा दिग्विजय सिंह देव, अनस खान, अफजाल कौसर, सचिन जयसवाल, आशुतोष यादव, मेराज अहमद, संदीप कश्यप, अंकित त्रिवेदी, जिला पंचायत सदस्य प्रीति सिंह, असद अराफात आदि लोग मौजूद रहे।


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