- उल्लंघन करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
सीतापुर, निशान न्यूज़। दीपावली के दौरान बच्चों और किशोरों में कार्बाइड गन के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. ने जनपद की सीमा में कार्बाइड गन के निर्माण, भंडारण, परिवहन, खरीद-बिक्री और प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में 5 नवंबर को आदेश जारी किया गया।
जिलाधिकारी ने आदेश में कहा है कि कैल्शियम कार्बाइड और पाइप से बनाई जाने वाली कार्बाइड गन चलाने पर तेज धमाका होता है। इससे निकलने वाला पदार्थ आंखों में गंभीर चोट पहुंचा सकता है। कई मामलों में आंख की पुतली की पारदर्शी परत (कॉर्निया) को नुकसान पहुंचने के साथ रोशनी जाने तक का खतरा रहता है।
आदेश के तहत दुकानदारों, फेरीवालों और ठेला-पटरी पर दुकान लगाने वालों को कार्बाइड गन या इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की बिक्री और प्रदर्शन नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्बाइड गन बनाने या चलाने के उद्देश्य से कैल्शियम कार्बाइड की बिक्री और आपूर्ति भी प्रतिबंधित रहेगी। हालांकि, इसके वैध औद्योगिक उपयोग पर आदेश लागू नहीं होगा।
प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 समेत अन्य संबंधित विधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रतिबंधित सामग्री भी जब्त की जाएगी।
सीतापुर के सिधौली क्षेत्र में आठ वर्षीय अमन तिवारी कार्बाइड गन चलाने के दौरान हुए धमाके में घायल हो गया। धमाके से निकला केमिकल उसकी आंख में चला गया। वहीं, पिसावां क्षेत्र में 14 वर्षीय लालाराम भी कार्बाइड गन चलाते समय घायल हो गया। उसकी आंख में केमिकल पहुंचने से सफेदी आ गई। दोनों घटनाएं कार्बाइड गन के खतरों और बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्कता बरतने की जरूरत को उजागर करती हैं।
आंख में चोट लगने पर न करें लापरवाही
प्रशासन ने अभिभावकों से बच्चों को कार्बाइड गन से दूर रखने और पटाखे चलाते समय सावधानी बरतने की अपील की है। आंख में चोट लगने पर उसे रगड़ने के बजाय साफ पानी से कम से कम 20 मिनट तक धीरे-धीरे धोने और आंख में गुलाब जल, शहद, दूध या अन्य घरेलू पदार्थ न डालने की सलाह दी गई है। ऐसी स्थिति में तत्काल नेत्र चिकित्सक अथवा सीतापुर आंख अस्पताल पहुंचने को कहा गया है।