नई दिल्ली (निशान न्यूज) अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर बुधवार को दिल्ली स्थित उत्तराखंड भवन पर प्रगतिशील संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के उपरांत रेजिडेंट कमिश्नर के माध्यम से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। इस दौरान 11 जनवरी को प्रस्तावित उत्तराखंड बंद को सफल बनाने की भी अपील की गई।
ज्ञापन में अंकिता भंडारी की हत्या में शामिल वीआईपी और उनसे जुड़े नेताओं की पहचान कर हत्या का मुकदमा चलाने, मामले की सीबीआई जांच कराने, परिजनों को सम्मानजनक जीवन के लिए अतिरिक्त मुआवजा देने, उत्तराखंड में कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम करने तथा महिला हिंसा के मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से शीघ्र सुनवाई कर दोषियों को दंडित करने की मांग की गई।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि घटना के तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकार द्वारा कथित वीआईपी का नाम उजागर नहीं किया गया है, जिससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिल जाता और मामले में शामिल सभी दोषियों को सजा नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदर्शन में प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, इंकलाबी मजदूर केंद्र, परिवर्तनकामी छात्र संगठन, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, क्रांतिकारी युवा संगठन, भगत सिंह छात्र युवा मंच, टीयूसीआई, ग्रामीण मजदूर यूनियन सहित कई सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सभा को विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया।