Nishan Publication

पैगंबर मुहम्मद साहब के यौमे विलादत पर शान से निकला जुलूस

- मरकजी कमेटी के नेतृत्व में निकाला गया जुलूस-ए-मोहम्मदी का 56वां जुलूस

- रोशनी से जगमगाया शहर, सजाये गये गेट और घरों में लगाई रंगबिरंगी झालरें 

सीतापुर, निशान पब्लिकेशन न्यूज़। गुरूवार को जुलूस-ए-मोहम्मदी का 56वां जुलूस बहुत ही एहतराम और अकीदत से निकाला गया। जो परंपरा अनुसार अपने तय रास्तों से होता हुआ कजियारे चौराहे पर आकर एक जलसे में तब्दील हो गया। जुलूस में शामिल अकीदमतंदों ने नबी की शान में जोरदार नारे बुलंद किये। पूरी फिजां नारा-ए-तकबीर की सदाओं की गूंज उठी। सैकड़ों की तादात में अंजुमनें जुलूस में शामिल हुईं। घोड़े, ऊंट, ठेले, चैपहिया और दुपहिया वाहनों पर सवार होकर लोगों ने नातें पढ़ीं। वहीं जुलूस में पैदल निकले लोगों ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। खासकर युवाओं में जुलूस को लेकर काफी उत्साह देखा गया। जुलूस को देखने को बाहर से काफी तादात में लोग अपने रिश्तेदारों के घरों में आये। घरों की छतों और दरवाजों के सामने खड़े होकर उन्होंने जुलूस देखा। 

  मोहल्ला कोट चौराहे पर कल्लू पहलवान के घर से फातिहा के बाद दोपहर दो बजे के करीब जुलूस निकाला गया। जुलूस का नेतृत्व मरकजी कमेटी के सदर अब्दुल कयूम अंसारी, जनरल सेक्रेटरी इकबाल अहमद, सेक्रेटरी मसूद आलम अंसारी, कारी सलाहुददीन, सेक्रेटरी सरताज खां कर रहे थे।

 

जुलूस कजियारे चौराहे से होता हुआ मो. शेख सरायं, पटिया, मिरदही टोला, मन्नी चौराहा, मुंशीगंज चौराहा, रामलीला मैदान, तरीनपुर ईदगाह होकर वापस कजियारे चौराहे पर पहुंचा। जुलूस को कंट्रोल करने की जिम्मेदारी सभासद प्रतिनिधि मो. सलीम अडडू, पूर्व सभासद शमीम बेग व मो. नबी मोल्हे ने संभाली। कजियारे चौराहे पर पहुंचने के बाद जुलूस एक जलसे में तब्दील हो गया। जिसमें मोहम्मद साहब के जीवन पर तकरीर की गई। उनके बताये हुये रास्ते पर चलने की नसीहत दी गई। जलसे के आखिर में मुल्क में अमन-चैन व भाईचारे की दुआएं की गई। मुल्क की तरक्की और खुशहाली की भी लोगों ने दुआएं मांगीं। जुलूस में अंजुमन मुजाहिद-ए-इस्लाम, यादगारे रसूल, ताजदार-ए-हरम, पासबाने हक, मेराज-ए-रसूल, शान-ए-सहाबा, ताजदार-ए-मेराजे हरम, तहफ्फुज नामसे सहाबा, गुलशन-ए-रसूल, जश्ने-विलादत-ए- रसूल, अंजुमन ताजदारे रसूल, अंजुमन रमजानियां, अंजुमन आशिकाने रसूल, गुलामाने मुस्तफा, सहरे मदीना, मोहब्बत-ए-रसूल ने रोशनी, गेट की सजावट और अन्य इंतजामात में खास भूमिका निभाई। जुलूस के दौरान कानूनी सलाहकार अकील अंकल, कोषाध्यक्ष जावेद रहमान, अनीस मिर्जा, निहाल, आफताब, मोनिस, कारी मो. असद, फिरोज अख्तर, अकीलुर्रहमान, आफताब अंसारी, अयाज अहमद समेत तमाम अन्य लोग मौजूद रहे।

Post a Comment

Previous Post Next Post